बहू ने दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया, थाने में पुलिस को बयान देकर घर आए ससुर ने जहर खाकर जान दे दी


नगर निगम के ज़ोन 6 की संपत्ति कर शाखा में पदस्थ कर्मचारी 56 वर्षीय शरद रायकवार ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। दो दिन पहले नीलगंगा थाने में बहू ने उनके खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने रायकवार और घर के अन्य सदस्यों को थाने बुलाकर नोटिस तामिल करवाने के पश्चात जमानत पर छोड़ दिया था। इससे रायकवार बहुत दुखी हुए और उन्होंने बहू व उसके घर वालों के खिलाफ सुसाइड नोट लिखकर जान दे दी। सुसाइड नोट में वे लिखकर गए - कोई भी महिला थाने जाकर झूठी रिपोर्ट लिखा दे तो थाने वाले उन्हें आरोपी बना लेते हैं। एकता नगर निवासी रायकवार को गुरुवार देर रात बड़ा बेटा प्रिंस और बहू आरती जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जेब से मिले सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस मामले में जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक रायकवार का एक बेटा मयूर ऑटो चलाता है। उसने एकता नगर में ही रहने वाली तेजस्वनी से 30 अक्टूबर 2017 को प्रेम विवाह किया था। इसके दो महीने बाद से मयूर और तेजस्वनी के बीच अनबन होने लगी। बात काफी बढ़ गई थी। महिला थाना पुलिस ने भी दोनों पक्षों को बैठाकर समझाया था। कुछ दिन बाद फिर से विवाद हुआ। इसे लेकर 18 जुलाई को तेजस्वनी ने माता-पिता के साथ नीलगंगा थाने जाकर पति मयूर, सास मीना, ससुर शरद के खिलाफ दहेज प्रताड़ना में केस दर्ज कराया था। गुरुवार को पुलिस ने रायकवार और उनकी प|ी व बेटे को थाने बुलाया और एक घंटे बाद जमानत पर तीनों को छोड़ दिया था। थाने से घर आने के बाद शरद अंबर कॉलोनी में दोस्त स्नेहिल के घर चला गया। मीना बाई भाई के घर काम से गई थी। घर पर बड़ा बेटा व बहू थे। यहां रात को कमरे में जाकर रायकवार ने सुसाइड नोट लिखा और फिर जहर खा लिया। सुसाइड नोट लिखा- बहू और उसके तीन रिश्तेदार मेरी मौत के जिम्मेदार, मारने की धमकी भी दी दहेज का झूठा आरोप लगाया। कोई भी महिला थाने जाकर झूठी रिपोर्ट लिखा दे तो थाने वाले उन्हें आरोपी बना लेते हैं। मेरी मौत के यह चार लोग जिम्मेदार है..तेजस्वनी, सुभाष, मामा संजू, लड़की की मां। इन्होंने मुझे और मेरे बेटे को जान से मारने की धमकी दी और दहेज का झूठा आरोप लगाया। - जैसा शरद रायकवार ने सुसाइड नोट में लिखा। हमने नोटिस पर छोड़ दिया था दहेज प्रताड़ना केस में रायकवार, प|ी व बेटे मयूर को थाने बुलाया था। जमानती जुर्म है इसलिए नोटिस तामिली के बाद जमानत पर छोड़ दिया था। संभवत: बहू द्वारा केस दर्ज कराने से रायकवार दुखी थे और आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में जिन लोगों के नाम लिखे है, जांच कर उनके खिलाफ केस दर्ज करेंगे। पोप सिंह एसआई थाना नीलगंगा

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